गर्भावस्था व प्रेगनेंसी मे इन 5 योग आसनो को करने से तुरंत मिलेगा शारीरिक लाभ

गर्भावस्था व प्रेगनेंसी मे इन योग आसनो को करने से तुरंत मिलेगा शारीरिक लाभ

गर्भावस्था व प्रेगनेंसी मे इन 5  योग आसनो को करने से तुरंत मिलेगा शारीरिक लाभ

भले ही प्रेगनेंसी का समय बहुत ही तनाव वाला होता हो, लेकिन इस समय मे आपको अपनी मन की शांति को बनाए रखना ज़रूरी है| अगर तन और मन शांत रहेगा, तो यह स्ट्रेस प्रोसेस भी बिल्कुल आसान हो जाएगा| इसके लिए बहुत ज़रूरी है की आपको योग, आसान, प्राणायाम, सूर्या नमस्कार ज़रूर करना चाहिए, जिसको करने से पहले आपको डॉक्टर की सलाह ले लेना ज़रूरी है| योग, 4 महीने से लेकर प्रेगनेंसी के 9 महीने तक करने की सलाह दी जाती है|

प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली देखभाल गर्भवती के जीवन के लिए बेहत महत्वपूर्ण रखती है| माँ और उसके होने वाले बच्चे पर कोई आंच नहीं आये इसके लिए गर्भवती महिला को बड़ी सावधानी से रखा जाता है| प्रेगनेंसी के दौरान ना केवल महिला के खान पान का बल्कि अन्य चीज़े जैसे की उसके आस-पास का माहौल, इस दौरान किया जाने वाला व्यायाम, प्रेगनेंसी के दौरान उसे किन लोगों से मिलना चाहिए और किनसे से नहीं यहाँ तक की उसे क्या पढ़ना चाहिए और क्या नहीं उसका भी ध्यान रखा जाता है|

लेकिन आजकल के व्यस्त माहोल में सब बदल गया है। अब गर्भवती महिलाएं ऑफिस जाती हैं| व्यस्त और तनाव से पूर्ण माहोल होने के कारण वो अपना अच्छी तरह ख्याल नहीं रख पाती| जिसका असर उसके साथ साथ उसके बच्चे पर भी पढता है| अपनी सही तरीके से देखभाल ना कर पाने के कारण गर्भवती को कई तरह की परेशानिया जैसे कमरदर्द, पीठदर्द, चिडचिडापन आदि होता है| इन सभी परेशानियों से निपटने में योग मदद करता है| तो आइये जानते है Yoga for Pregnant Women in Hindi.

गर्भवस्था के दौरान कोन-कोन से योग करने चाहिए, गर्भवस्था सावधानी क्या-क्या है| प्रेगनेंसी के दौरान किन-किन एक्सर्साइज़ से असुविधा हो सकती है| साथ ही प्रेगनेंसी मे फिट रहने के लिए क्या करे| योग से पहले किन बतो का ध्यान रखे| आइए जाने प्रेगनेंसी के दौरान कोन से व्यायाम करने चाहिए|

गर्भावस्था में योगासन (Yoga for pregnancy in Hindi)

तितली आसन – शरीर के लचीलापन के लिए तितली आसान बहुत सहायक है| तितली आसान को गर्भवस्था के तीसरे महीने से कर सकते है| शरीर के लचीलेपन को बढ़ाने के लिए यह आसान किया जाता है| इसे करने से शरीर के निचले हिस्से का तनाव खुलता है| इससे प्रजनन के दौरान गर्भवती महिला को दिक्कत कम होती है| यदि यह प्रोसेस को करते वक़्त आपको कमर के निचले हिस्से मे दर्द महसूस होता हो तो इसे बिल्कुल ना करे|

पर्वतासन – पर्वतासन कमर दर्द दूर करने मे मदद करता है| प्रेगनेंसी मे पर्वतासन करने से कमर के दर्द से निजाद मिलती है| इसे करने से आगे चलकर शरीर बेडोल नहीं होता है|

शवासन – गर्भावस्था के दौरान शवासन करने महिलाओं को मानसिक शांति मिलती है| यह एक बेहतरीन प्रेगनेंसी योग है|

उष्ट्रासन – उष्ट्रासन रीढ़ की हड्डी मजबूत करने के लिए किया जाता है| इस आसन को रोजाना करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है| इसे करने से ब्लड सर्क्युलेशन नियमित रूप से चलता है और एनर्जी लेवेल बढ़ता है|

अनुलोम विलोम – अनुलोम विलोम ब्लड सर्क्युलेशन बेहतर के लिए मदद करता है| गर्भवस्था मे अनुलोम-विलोम आसन सबसे बेस्ट आसान है| इस आसन को करने से ब्लड सर्क्युलेशन कंट्रोल होता है| प्रेगनेंसी मे तनावरहित रहने के लिए इस आसन को तो आप ज़रूर करे|

मार्जारी आसन – मार्जारी आसन को करने से शरीर में फ्लेक्सिब्लिटी आती है| यह आसन दिमाग को शांत रखता है तथा इससे पाचन क्रिया सही रहती है और रक्त संचार में भी बढ़ोतरी होती है।

वक्रासन – वक्रासन रीढ़ की हड्डी, पैर और गर्दन का अच्छा व्यायाम है जिसे करते वक्त ध्यान रखना चाहिए कि गर्भवती महिलाएं इसमें अधिक जोर न लगाएं।

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  1. प्रेग्नेन्सी के दौरान क्या करे क्या नही
  2. प्रेगनेंसी के दौरान रखें इन 12 चीज़ो का ख़याल
  3. गर्भावस्था के आवश्यक आहार

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