Dengue Treatment in Hindi – डेंगू बुखार का देसी इलाज/उपचार

Dengue Treatment in Hindi (डेंगू का इलाज) – आज के समय में डेंगू एक बहुत ही भयंकर संक्रामक बीमारी बनकर उभरी है। डेंगू एक उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पायी जाने वाली बीमारी है जो एडीज इजिप्टी मच्छरों के काटने से होता है। डेंगू बुखार को ब्रेक बोन बुखार के नाम से भी जाना जाता है। इस प्रजाति यानि डेंगू के मच्छर ज्यादातर दिन में काटते है, और साफ़ पानी में पैदा होते है। डेंगू का इलाज (Dengue Treatment in Hindi) समय पर करना बहुत आवश्यक है, नहीं तो कई बार समय पर इलाज न होने के कारण रोगी की मृत्यु भी हो सकती है।

इसीलिए हम आपको बताने जा रहे है डेंगू के कुछ इलाज और उपचारो के बारे में:-

  1. घरेलू इलाज
  2. बाबा रामदेव
  3. आयुर्वेदिक इलाज

Dengue in Hindi – डेंगू बुख़ार एक खतरनाक संक्रमण है जो डेंगू वायरस के कारण होता है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद से यह रोग एक बड़ी समस्या बन चुका है। वर्ष 1960 से, काफी लोग डेंगू बुख़ार से पीड़ित हो रहे हैं। डेंगू वायरस से बचने के लिये कोई वैक्सीन अभी तक उपलब्ध नहीं है। इसीलिए जितना हो सके इस रोग से बचने के प्रयास करने चाहिए।

डेंगू की समस्या वयस्कों से अधिक शिशुओं तथा बच्चों में होने की अधिक संभावना होती है।

Dengue Fever in Hindi – डेंगू बुखार (dengue fever in hindi) मुख्‍य रूप से तीन प्रकार का होता है- साधारण डेंगू बुखार, डेंगू हैमरेजिक बुखार (DHF) और डेंगू शॉक सिंड्रोम (DSS)।

साधारण डेंगू बुखार को क्‍लासिकल डेंगू भी खा जाता हैं, और यह सामान्‍यत: पांच से सात दिनों तक रहता है। इसमें रोगी को ठंड लगने के बाद तेज बुखार, सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, जी मिचलाना, कमजोरी लगना, भूख न लगना के लक्षण नजर आते हैं।

Ye bhi padhe: डेंगू के लक्षण

ऊपर बताये गए लक्षणों में से अगर आपको कोई भी लक्षण नज़र आये तो तुरंत डेंगू का इलाज करवाए।

डेंगू का इलाज

हर साल जुलाई से अक्टूबर के महीने में डेंगू का प्रकोप ज्यादा रहता है। इसीलिए इस समय में सतर्क रहना चाहिए। आम तौर पर डेंगू का इलाज चिकित्सकीय प्रक्रिया से करवाने में ही फायदा रहता है परन्तु इसके अलावा कई आयुर्वेदिक और घरेलू तरीको से भी डेंगू का इलाज (dengue treatment) आसानी से किया जा सकता है।

तो आईये विस्तार में चर्चा करते है डेंगू के इलाज के बारे में:-

डेंगू का घरेलू इलाज

डेंगू एक (dengue fever in hindi) विषाणु-जनित रोग है जिसके लक्षण कई अन्य बिमारिओ जैसे टाइफाइड और मलेरिया से मिलते जुलते होते है जिसके कारण डॉक्टर्स समय पर सटीक निदान नहीं कर पाते है ऐसे में घरेलू उपाय और इलाज बड़े कारगर साबित होते है।

  1. धनिये के पत्तो का जूस (Juice of Coriander Leaves)

डेंगू के इलाज में धनिये के पत्तो के रस का सेवन करना बहुत फायदेमंद रहता है। और इसे डेंगू का सबसे अच्छा घरेलू इलाज/उपचार भी माना गया है। आप इन पत्तियों को नियमित आहार के हिस्से के रूप में शामिल कर सकते हैं या नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं।

चरण 1: धनिया की पत्तियों का कटोरा लें और उन्हें अच्छी तरह धो लें।

चरण 2: पानी का कटोरा लें और धनिया के पत्तों को मिला लें।

चरण 3: मिश्रण को ब्लेंडर में रखो।

चरण 4: अब इस रस का सेवन दिन में अधिक से अधिक करे।

धनिये की पत्तियों में विटामिन सी की अधिक मात्रा होती है, और वे रोगप्रतिरक्षा बढ़ाने में सहायता करते हैं।

  1. अनार का रस (Pomegranate Juice)

डेंगू का बुखार होने पर शरीर में खून की कमी के साथ प्लैटलैट्स कि संख्या भी कम होने लगती है। जिसके कारण जी मचलने लगता है। ऐसे में अनार के रस का सेवन बेहद लाभकारी रहता है। अनार खून कि कमी को दूर करने के साथ साथ प्लेटलेट की संख्या बढ़ाने में भी मदद करता है।

इसके अलावा अनार के सेवन से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को भी कम किया जा सकता है।

  1. मेथी (Fenugreek)

डेंगू बुखार के इलाज में मेथी की पत्तिया लेने से बुखार कम होने लगता है, और शरीर में तेज़ हो रहे दर्द में आराम मिलता है जिससे रोगी को आराम मिलता है। विश्वभर में डेंगू के इलाज के लिए यूज़ में ली जाने वाली यह एक विख्यात घरेलू उपाय है। आप पत्तियों को पानी में भिगो सकते हैं और फिर इसे पी सकते हैं या आप मेथी पाउडर का इस्तेमाल पानी में मिलाकर कर सकते है।

बाबा रामदेव द्वारा दिया गया डेंगू का इलाज

  1. पपीते की पत्तियों का रस (Papaya Leaf Juice)

कुछ लोगो का मानना है की डेंगू बुखार (dengue fever) में पपीते की पत्तियों के रस का सेवन केवल एक भ्रम है, परन्तु कई शोध पत्रों और अद्ध्यनो ने यह साबित किया है कि डेंगू में पपीता के पत्ते का रस बेहद फायदेमंद है और सबसे अच्छा घरेलू इलाज में से एक है।

डेंगू बुखार के इलाज के लिए पपीते के पत्तो का रस इस प्रकार बनाये;

चरण 1: सबसे पहले ताजा पपीता का पत्ता लें और इसे टुकड़ो में काट लें।

चरण 2: 10 मिलीलीटर ठंडे पानी के साथ पत्ते मिलाएं।

चरण 3: मिश्रण को अच्छे से मिलाये और छान ले।

चरण 4: दिन में चार बार इस रस का सेवन करे।

पपीते में मौजूद कार्बनिक यौगिकों और पोषक तत्व शरीर में रक्त कोशिकाओं को बढ़ा सकते हैं; विटामिन सी के विशाल संसाधन प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करने में सहायता कर सकते हैं, और एंटीऑक्सिडेंट रक्त से अन्य विषाक्त पदार्थों को नष्ट करने का अपना काम करते हैं।

डेंगू बुखार (dengue fever) में पपीते के पत्तो के रस का सेवन को डेंगू के प्राकृतिक इलाज (Dengue natural Treatment) होने के रूप में जाना जाता है।

इस समय में पपीते की पत्तियों का इस्तेमाल न करे;

आप गर्भवती हैं या स्तनपान करवा रही है।

पपीन नामक यौगिक के लिए एलर्जी है।

आपको लाटेकस (Latex) से एलर्जी है।

आप सर्जरी से गुजर चुके हैं या जल्द ही कोई सर्जरी होने वाली है।

  1. नीम के पत्तों का रस (Neem Leaves’ Juice)

नीम के पत्ते कई बीमारियों के लिए उपयोगी माना जाता है और डेंगू उनमें से एक है। डेंगू के इलाज के लिए नीम के पत्तों का उपयोग इस प्रकार करे:

चरण 1: सबसे पहले ताजे नीम के पत्तों का एक छोटा कटोरा और ठंडे पानी का कटोरा लें।

चरण 2: पत्तियों को अच्छे से पीस कर और उन्हें फ़िल्टर करें।

चरण 3: इस मिश्रण का लगभग 10 मिलीलीटर तीन से चार बार ले।

बुखार धीरे-धीरे कम हो जाएगा। बुखार के कम होने के अगले दो से तीनो दिनों के बाद तक इसका सेवन करे।

  1. बार बार पानी पिए (Drink Plenty of Water)

किसी भी प्रकार के बुखार जिसके कारण शरीर में पानी की कमी होती है, उसमे तरल पदार्थो का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए। इसीलिए डेंगू में जितना हो सके बार बार पानी पिए। डेंगू में तेज़ बुखार और शरीर दर्द के कारण रक्त संचार के साथ शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है। ऐसे में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए अधिक से अधिक पानी (गर्म पानी बेहतर होगा) का उपयोग बहुत लाभकारी होता है।

ऐसा करने से शरीर में ताकत बनी रहती है जिससे सिरदर्द और दर्द में थोड़ी राहत मिलती है। इसी के साथ पानी शरीर से विषाक्त पदार्थों को जलाने के साथ हानिकारक रोगज़नक़ों के प्रभावों को खत्म करने में भी सहायता करता है।

डेंगू का आयुर्वेदिक इलाज

  1. तुलसी की पत्तियों से बनी चाय

जैसा की उष्ण कटिबंधीय देशों में पारंपरिक विश्वास या ये माना जाता है कि, उबली हुई तुलसी का पानी पीने से न केवल डेंगू के लक्षण कम होते है बल्कि ये बुखार के प्रकोप को भी रोक सकता है। तुलसी के पत्तियों से बनी चाय से इस प्रकार करे डेंगू का इलाज:

चरण 1: सबसे पहले पंद्रह तुलसी के पत्तों को लें और उन्हें पानी में उबाल लें।

चरण 2: अब इस मिश्रण को ठंडा होने दे।

चरण 3: अब इस मिश्रण का हर दिन चार से पांच बार सेवन करे।

तुलसी कि पत्तो से बने पानी को पीने से पसीना अधिक आता है, जिसके परिणामस्वरूप मच्छर आपको नहीं काटते है। इसके अलावा तुलसी के पत्तो में सिनामाइक एसिड (Cinnamic acid) पाया जाता है, जो रक्त संचार (Blood Pressure), साँस लेने की समस्याओं में सुधार आदि में मदद करता है।

इसके अलावा तुलसी के पानी में २ ग्राम काली मिर्च मिलाकर इसका सेवन करने से आपकी रोगप्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है।

तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल वे व्यक्ति न करे;

जिन्हे ब्लीडिंग डिसऑर्डर है।

जिन्हे लौ ब्लड प्रेशर है।

  1. गोल्डनसील (Goldenseal) से करे डेंगू का उपचार

गोल्डनसील एक जड़ी बूटी है जिसकी सूखे जड़ औषधि बनाने के लिए उपयोग में ली जाती है। इसमें डेंगू बुखार (dengue fever) के लक्षणों को बहुत जल्दी साफ़ करने और शरीर से वायरस को खत्म करने की क्षमता है। यह पपीता के पत्तों की तरह काम करता है। आप इसका इस्तेमाल जूस बना कर या चबाकर कर सकते है।

  1. हल्दी (Turmeric) से करे डेंगू का उपचार

हल्दी को आपकी चयापचय शक्ति यानी मेटाबोलिज्म और हीलिंग प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए भी जाना जाता है। डेंगू के इलाज में आप हल्दी का सेवन आप दूध के साथ कर सकते हैं।

  1. गिलोय (Giloy) से करे डेंगू का इलाज

गिलोय से डेंगू के इलाज के लिए सबसे पहले आप गिलोय बेल की डंडी ले, और डंडी के छोटे छोटे टुकड़े करें। अब इसे दो गिलास पानी मे उबालें, जब पानी आधा रह जाए तो इसे उबालना बंद कर दें। अब इसे ठंडा होने दे और ठंडा होते ही इसे रोगी को पिलाये। करीब 45 मिनट के बाद बॉडी में ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ना शुरू हो जाएंगे।

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