जानिये क्या है बवासीर के लक्षण और कारण

बवासीर के लक्षण

बवासीर को पहचानना बहुत ही आसान है। मलत्याग के समय मलाशय में अत्यधिक पीड़ा और इसके बाद रक्तस्राव, खुजली इसका लक्षण है। इसके कारण गुदे में सूजन हो जाती है। आयुर्वेदिक (Ayurvedic) औषधियों को अपनाकर बवासीर से छुटकारा पाया जा सकता है। तो आईये जानते है Symptoms of Piles in Hindiबवासीर के लक्षण.

ये भी पढ़े: बवासीर के घरेलू उपचार

पाइल्स के लक्षणों को आप दो तरीको से जान सकते है:
अंदरूनी बवासीर के लक्षण जानने का तरीका: आपको अंदरूनी बवासीर है तो आपको टॉयलेट पेपर (toilet paper) पर खून दिख जाता है।

बाहरी पाइल्स के लक्षण जानने का तरीका: अगर आपको बाहरी बवासीर है या आशंका है, तो आपके मलाशय के पास खून का थक्का या सूजन जमी देखी जा सकती है।

बवासीर के लक्षण हिंदी में – Bawasir Ke Lakshan in Hindi:

  • मलद्वार के आसपास खुजली तथा मलाशय में दर्द।
  • मलाशय के पास चिडचिडापन, खून का थक्का जमना या सूजन।
  • मलद्वार से खून निकलना।
  • उठते बैठते व चलते समय गुदा द्वार में दर्द होना
  • मल त्याग करते समय कष्ट का आभास होना
  • मलत्याग के बाद पूर्ण रुप से संतुष्टि महसूस न होना
  • मलत्याग के समय मस्सों का बाहर निकलना
  • श्लैष्मिक द्रव का स्राव होना
  • लम्बे समय तक कब्ज रहना

दोस्तों ऊपर आपने जाना बवासीर के लक्षण (Symptoms of Piles in Hindi) बवासीर होने के कारण (Causes of Piles in Hindi). उम्मीद है आपको ये लेख पसंद आया होगा।

बवासीर को पाइल्‍स के नाम से भी जाना जाता है। बवासीर बहुत दुःख और तकलीफ देने वाली बिमारी है जिसमें मरीज को किसी भी स्थान पर बैठने में काफी परेशानी होती है। मलत्याग के समय अधिक जोर लगाने पर गुदा मार्ग में उपस्थित खून की नसें फूल जाती हैं, जो पाइल्स का कारण बनती हैं। तो आईये अब हम ये जानने की कोशिस करते है की बवासीर/पाइल्स होने के कौनसे मुख्य कारण (Causes of Piles in Hindi) होते है:

बवासीर होने के कारण

  1. लम्बे समय तक शौच को रोकने से बवासीर की समस्या होती है।
  2. लगातार खड़े रहने वाले व्यक्ति जैसे कुली, कंडक्टर आदि और लगातार देर तक बैठने वाले व्यक्तियों में भी यह समस्या बहुत ज्यादा पायी जाती है।
  3. कब्ज बवासीर होने का प्रमुख कारण है, जिस व्यक्ति को कब्ज की समस्या रहती है, उसे Piles होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। अगर आप कब्ज की समस्या से पीड़ित ही तो उससे निजात पाना चाहिए।
  4. भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी के कारण भी Bawasir/Piles की बिमारी हो सकती है।
  5. गुदा के आसपास के रक्त नलिकाओं पर निरंतर दबाव पड़ने के कारण बवासीर हो जाता हैं।
  6. अधिक मिर्च मसाले, तले भुने हुए व अपचनीय भोजन करना भी इस समस्या को आमंत्रित करते है।
  7. अधिक दवाइयों का सेवन करने से भी बवासीर हो सकती है।
  8. गरम पानी से लगातार मलद्वार धोने से भी मस्सा फूल सकता है।
  9. कुछ लोगो में बवासीर की तकलीफ अनुवांशिक कारणों से भी हो सकती है। जिसमे रक्त नलिकाओं की अंदरुनी परत कमजोर होने से Bawaseer/Piles होता हैं।
  10. रात को देर तक जागने से भी ये समस्या उत्पन्न हो जाती है।
  11. काफी महिलाओं में गर्भावस्था के समय बवासीर की शिकायत होती है। पेट में पल रहे गर्भ के दबाव के कारण और शरीर में हो रहे हॉर्मोन्स में बदलाव के कारण रक्त नलिकाओं पर असर पड़ता है जिससे बवासीर होने की संभावना बढ़ जाती हैं।
  12. जिन लोगो में गुर्दो की बीमारी होती है, उनको भी जल्दी बवासीर हो सकता है।
  13. जिन लोगों का वजन सामान्य से अधिक (मोटापा) है और पेट काफी बड़ा है ऐसे व्यक्तियों में पेट के बढ़ते दबाव के कारण Bawaseer हो सकता हैं।
  14. अधिक भार उठाते समय सांस रोककर रखने से गुदाभाग पर दबाव पड़ता है जिससे Piles की शुरुआत हो जाती हैं शिकायत बढ़ सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *