खेती से हर महीने 1.5 लाख कमाता है रमेश, 3 साल पहले शुरू किया था बिजनेस

एक ओर जहां युवा इंजीनियरिंग, मेडिकल और मैनेजमेंट में अपना करियर बनाने पर जोर दे रहे हैं। वहीं कुछ ऐसे भी नौजवान हैं जो खेती-बाड़ी में हाथ आजमा रहे हैं। इस क्षेत्र में वो न सिर्फ अपना करियर बना रहे हैं, बल्कि अच्छी-खासी कमाई भी कर रहे हैं। महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले रमेश खलदकर ऐसे ही युवा हैं जो खेती से जुड़कर हर महीने लाखों में कमाई कर रहे हैं। साथ ही किसानों को खेती के गुर सिखाने के साथ उनका मार्गदर्शन भी कर रहे हैं। आइए जानते हैं कैसे यह शख्स कर रहा है कमाई…

नौकरी छोड़ शुरू किया बिजनेस

पुणे के खलदकर गांव के रहने वाले रमेश खलदकर ने मनी भास्कर को बताया कि उसने फॉरेस्ट्री में बीएससी किया है। बीएससी करने के बाद उन्होंने एक आयुर्वेदिक कंपनी में 3 महीने तक नौकरी। यहां से नौकरी छोड़ने के बाद उनको सरकार के टूरिज्म डिपार्टमेंट में नौकरी लगी। नौकरी के दौरान उनको काफी कुछ सीखने को मिला। उसके बाद उन्होंने खुद का बिजनेस शुरू का मन बनाया और 2014-15 में अपनी कंपनी शुरू की। जिसका सालाना टर्नओवर आज 2 करोड़ रुपए हो गया है।

2 महीने के कोर्स ने बदली जिंदगी

रमेश का कहना है कि नीम गुणों से भरा पौधा है। नीम को कीटनाशक के रूप में इस्तेमाल करने से मिट्टी की सेहत भी अच्छी रहती है। साथी ही कीड़े-मकौड़े भी खत्म हो जाते हैं। नीम के इसी गुण ने उनको प्रेरित किया। इसके बारे में और जानकारी लेने के लिए उन्होंने एग्री क्लिनिक एंड एग्री बिजनेस सेंटर्स द्वारा चलाए जा रहे 2 महीने का कोर्स ज्वाइन किया। ट्रेनिंग के दौरान उनको नीम केक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का दौरा करने का मौका मिला और यहां से मिली जानकारी से उनकी जिंदगी बदल गई।

48 लाख लगाकर शुरू किया बिजनेस

ट्रेनिंग पूरी होने के बाद रमेश ने अपने परिवार वाले से 48 लाख रुपए लेकर बिजनेस की शुरुआत की। नीम ऑयल औऱ नीम सीड केक बनाने की यूनिट शुरू करने के बाद लोकल स्तर पर कंपनी का प्रचार किया और फिर उनको तीन ऑर्गेनिक कंपनियों से लोकल किसानों के लिए कुछ टन का ऑर्डर मिला। पहले लॉट में उन्होंने 300 एमटी नीम केक मैन्योर और 500 लीटर नीम ऑयल का प्रोडक्शन किया। सारे खर्चे काटकर उन्होंने 22 लाख रुपए का प्रॉफिट कमाया। इससे उनको प्रोत्साहन मिला और नीम से अन्य प्रोडक्ट भी बनाने लगे। आज उनके पास 21 ऑर्गेनिक प्रोडक्ट हैं।

कंसल्टिंग के काम पर ज्यादा है जोर

इसके अलावा रमेश वर्मी कम्पोस्ट और कीटनाशक बनाने का भी काम कर रहे हैं। बिजनेस के विस्तार के लिए अब वो एग्री कंसल्टिंग पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। उनका कहना है कि एग्री सेक्टर की कंपनियों को कंसल्टेंट की जरूरत होती है और उनके पास इस क्षेत्र में अनुभव भी अच्छा हो गया जिसका फायदा कंपनियों के साथ मैं भी उठाना चाहता हूं। कंपनियों के लिए मैं मार्केटिंग स्ट्रैटजी बनाता हूं। इस काम में मुझे अच्छी कमाई हो जाती है। प्लांट, कंसल्टिंग और डेवलपमेंट के लिए रमेश ने अलग से आरके एग्री बिजनेस कॉरपोरेशन की शुरुआत की है। वो अपने बिजनेस सालाना 16 लाख रुपए तक की कमाई कर रहे हैं।

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