गर्भावस्था के दौरान जुड़वा बच्चे होने के लक्षण

जुड़वाँ बच्चे होने के अपने फायदे हैं। बेशक, इस बात को कोई झुटला नहीं सकता की एक बच्चे की तुलना में दो बच्चो को पालन बड़ा ही मुश्किल काम है। लेकिन आप इस बात की कल्पना कर सकती है की आपको एक बार और प्रेगनेंसी के इस दर्द को एक बार फिर महसूस नहीं करना पड़ेगा। जुड़वाँ बच्चो का होना खुसियो को दोगुना करने जैसा है। क्या आप ये जानते है की आप एक जुड़वाँ बच्चो को पैदा कर सकती है या जुड़वाँ बच्चो को कैसे पैदा किया जाता है।  हाँ, ये बात थोड़ी अविश्वसनीय सी लगती है, लेकिन यहाँ आपको कुछ तरीके बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप जुड़वाँ बच्चो यानि Twins को पैदा कर सकती है। हमने यहाँ काफी सारे नेचुरल तरीको और फर्टिलिटी ट्रीटमेंट्स को अपनी रिसर्च में शामिल किया है लेकिन एक बात बता दे की इनके परिणाम 100% गारंटीड नहीं होते है।

 

जुड़वाँ दो तरीको के होते है:

१. Identical

२. Non Identical

 

तक़रीबन एक तिहाई जुड़वाँ identical टवींस जिन्हें मोनोजाइगोटिक टवींस भी कहा जाता है होते है। ये प्रक्रिया तब होती है जब एक अंडा एक शुक्राणु से निषेचित होता है और दो अलग अलग भ्रूण में विभाजित हो जाता है।

 

 

Non-identical को डिजायगॉटिक twins भी कहा जाता है, इस प्रक्रिया में दो अंडे दो शुक्राणु से निषेचित होते है। वे एक दूसरे से अलग होते है और उनकी आनुवंशिक संरचना अलग अलग होती है।

 

ट्विन्स पैदा करने की संभावना:

दोस्तों अगर हम ट्विन्स पैदा करने की संभावनों की बात करे तो २१वी सदी के आंकड़े ये बताते है की पैदा होने वाले बच्चो में ३ प्रतिशत बच्चे जुड़वाँ पैदा होते है। यानी हर 100 में 3 बच्चे जुड़वाँ होते है। और इन आंकड़ो में 1980 से लेकर अब तक 61% की व्रद्धि हुई है।

 

फैक्टर्स जो जुड़वाँ होने की संभवनो को निश्चित करते है:

  1. पारिवारिक इतिहास और आनुवांशिकता:
  2. जातीयता:
  3. शरीर का आकार:
  4. माँ कि उम्र:
  5. ज्यादा गर्भधारण:

 

  1. पारिवारिक इतिहास और आनुवांशिकता: अगर पति या पत्नी में से कोई स्वयं जुड़वाँ है या आपके परिवार में कोई जुड़वाँ है तो आपके भी यहाँ जुड़वाँ होने की संभावना रहती है। ये बात पूरी तरह आपके ऊपर निर्भर करती है क्योकि अंडो का निर्माण आपके द्वारा होता है अगर आप या आपकी माँ जुड़वाँ है तो जुड़वाँ बच्चे होने की संभावना ज्यादा होती है।

 

  1. जातीयता: आप कहा के रहने वाले है यानी आपका मूल भी जुड़वाँ बच्चो को पैदा करने की संभावनाओ पर प्रभाव डालता है, जैसे की एशियाई और हिस्पैनिक्स में जुड़वाँ की संभावना अफ्रीकन्स से काम होती है।

 

  1. शरीर का आकार: हाँ दोस्तों भले हे आपको ये जानकार हैरानी हो रही होगी लेकिन हम आपको बता दे कि जुड़वाँ बच्चो को पैदा करने में आपके शरीर का आकार भी प्रभाव डालता है। यह अजीब है, लेकिन लम्बे कद कि महिलाओं को जुड़वा बच्चे होने कि संभावना छोटे कद के लोगों की तुलना में अधिक होती है। इसके अलावा, भारी महिलाओं में पतली महिलाओं की तुलना में इसकी अधिक संभावना होती है।

 

  1. माँ कि उम्र: जुड़वां या अधिक बच्चे पैदा होने की संभावना बढ़ती उम्र के साथ बढ़ जाती है। वे महिलाये जिनकी उम्र 35 या उससे अधिक है वो FSH हार्मोन को कम उम्र कि महिलाओ कि अपेक्षा ज्यादा मात्रा में बना सकती है। यह हार्मोन अंडाशय ओवुलेशन के लिए अंडे को रिहा करने की अनुमति देता है। जितना ज्यादा हार्मोन का लेवल होगा उतने ही अंडे ओवुलेशन के लिए निकलेंगे और फलस्वरूप उतनी ही मात्रा में भूर्ण का निर्माण होगा।

 

  1. ज्यादा गर्भधारण: अगर आप पहले कई बार गर्भधारण कर चुकी है तो ये भी आपके जुड़वाँ बच्चे पैदा करने की संभावना को बढ़ा देता है।

प्राकृतिक रूप से जुड़वाँ बच्चे पैदा करने के तरीके Best Ways To Get Pregnant With Twins Naturally:

 

  1. डेयरी उत्पादों का उपभोग
  2. जंगली रतालू खाओ:
  3. गर्भनिरोधक गोलियां बंद करो:
  4. गर्भावस्था जबकि स्तनपान:
  5. साथी द्वारा जिंक युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन:

 

  1. डेयरी उत्पादों का उपभोग: Dr. Gary Steinman et al. के शोध के अनुसार वे महिलाये जो डेयरी उत्पादों का उपभोग ज्यादा करती है उनमे जुड़वां बच्चों को पैदा करने की संभावना ज्यादा होती है।

 

  1. जंगली रतालू का सेवन: जंगली रतालू अंडाशय को अति-उत्तेजित करते है जिसके परिणामस्वरूप एक से अधिक अंडे ovulation के लिए बहार आते है। जो की प्राकृतिक रूप से आपके जुड़वा बच्चों को पैदा करने के अवसर में वृद्धि करते है।अफ्रीकी महिलाओं जुड़वा बच्चों के लिए बेहतर संभावना है क्योकि इसका सेवन वो आहार के रूप में ज्यादा मात्रा में करती है। क्या आप जानते है की पश्चिम अफ्रीका में योरूबा जनजाति में सबसे ज्यादा जुड़वां बच्चों की दर है।

 

  1. गर्भनिरोधक गोलियां बंद करो: गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन भी जुड़वां बच्चों को गर्भ धारण में एक निर्णायक भूमिका निभाते हैं। जब आप गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन बंद करते है तो शरीर को कुछ समय में अपनी प्राकृतिक लय में आने लगता है। यह सामान्य से अधिक मात्रा में हार्मोन प्रवाह करने में शरीर की मदद करता है। अगर आप इस दौरान गर्भधारण करती है तो इससे आपके TWINS होने की संभावना बढ़ जाती है।

 

  1. बच्चे को स्तनपान करवाते समय अगर आप फिर से प्रेग्नेंट हुई है तो आप TWINS को जनम दे सकती है, क्योकि स्तनपान करवाते समय आपका शरीर अधिक मात्रा में प्रोलैक्टिन को बनाता है जिसके फलस्वरूप जुड़वाँ बच्चे होने की संभावना बढ़ जाती है।

 

  1. साथी द्वारा जिंक युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन: जिंक युक्त खाद्य पदार्थ जैसे हरी पत्तेदार सब्जियों, कस्तूरी, रोटी, और ब्रेड शुक्राणु उत्पादन को बढ़ाते है। जिससे एक से अधिक अंडो के बनने की सम्भवना बढ़ जाती है।

 

Judwa Bacche Peda Karne Ke liye Best Sex Positions:

जुड़वाँ बच्चे पैदा करना आपके हाथ में नहीं होता है पर इसके लिए हम प्रयास जरूर कर सकते है तो इसी के लिए हम आपको कुछ महत्वपूर्ण सेक्स पोजीशन के बारे में बता रहे है जिससे जुड़वाँ बच्चे पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है।

 

  1. Side by side:
  2. Standing up position:
  3. Missionary position:
  4. Rear entry position:

Fertility Herbs for Twins in Hindi:

  1. Evening primrose oil:
  2. Licorice:
  3. Flaxseed oil:
  4. Sweet cassava:
  5. Black cohosh:

Evening primrose oil: Evening primrose oil सदियो से चला आ रहा तेल है जिसकी मदद से आप अपनी प्रजनन क्षमता को आसानी से बढ़ा सकते है।

Licorice: लिकोरिस टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजेन के हार्मोन के स्तर को नियंत्रित करता है और इस प्रकार गर्भधारण की पूरी प्रक्रिया का में मदद करता है।

Flaxseed oil: Flaxseed oil महिलाओं में प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देता है जिससे जुड़वाँ बच्चो की संभावना बढ़ जाती है। यह हार्मोनल उत्पादन को नियंत्रित करता है और एक नियमित रूप से मासिक धर्म चक्र को बनाए रखता है। यह प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन हार्मोन का एक उचित संतुलन सुनिश्चित करता है।

Sweet cassava: ये सबसे प्राकृतिक उपाय है जो की कुशलतापूर्वक आपकी प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देता है जिससे की हाइपर-ovulation संपत्ति के द्वारा जुड़वाँ होने के अपने संभावना बढ़ जाती है

Black cohosh: यह एक पारंपरिक जड़ी बूटी है जो की प्रभावी रूप से पूर्व मासिक धर्म सिंड्रोम (पीएमएस) और रजोनिवृत्ति के साथ जुड़े लक्षणों को कम करने में मदद करता है। ये जड़ी बूटी गर्भाशय की मांसपेशियों को मजबूत और कमजोर पैल्विक फर्श के साथ महिलाओं के लिए फायदेमंद है। हालांकि यह सीधे जुड़वा बच्चों के होने की संभावना में वृद्धि नहीं करता है, यह प्रजनन दर, जो जुड़वां बच्चों की संभावना में वृद्धि हो सकती है को बेहतर बनाता है।

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