Khwaab Tute Hue, Dil Dukhaate Rahe

Khwaab Tute Hue, Dil Dukhaate Rahe

ख्वाब टूटे हुए, दिल दुखाते रहे,
देर तक वो हमे याद आते रहे,
काट ली आँसुओं में जुदाई की रात,
शेर कहते रहे, गाने गुनगुनाते रहे,

तेरे जलवे पराए हुए मगर गम नहीं,
ये तस्सल्ली भी अपने लिए कम नहीं,
हमने तुमसे किया था जो वफ़ा का वादा,
साँस जब तक़ चली, हम निभाते रहे,

किसको मुजरिम कहें अब करें क्या गिला,
रिश्ता टूटा, ना उनकी ना मेरी थी रज़ा,
अपनी किस्मत में कभी वो थी ही नहीं,
ख्वाब पलकों पे जिसके सजाते रहे!!

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