बवासीर के घरेलू उपचार – Piles Treatment in Hindi

बवासीर/पाइल्स क्या है (Piles Meaning in Hindi)- बवासीर बहुत दुःख और तकलीफ देने वाली बिमारी है जिसमें मरीज को किसी भी स्थान पर बैठने में काफी परेशानी होती है। बवासीर (Bawasir) को अर्श, पाइल्स (Piles) या मूलव्याधि के नाम से भी जाना जाता है। Bawaseer में मरीज के गुदा द्वार में मस्से होने के साथ साथ निरंतर खून बहता है| हमारे शरीर में जो गुदा (Anus) भाग में रक्त नलिकाए पायी जाती है, किसी दबाव या अन्य किसी कारण से गुदाभाग के अंदरुनी व बाह्य हिस्से में और मलाशय के निचले भाग की रक्त नलिकाओ में सूजन आ जाती हैं। जिसके कारण गुदाभाग में अंदर या बाहर मस्से बन जाते है।

आइए जानते है कि कैसे आप पाइल्स कि समस्या से कुछ घरेलू नुस्खों को अपना कर निजात पा सकते है, और पा सकते है बवासीर कि समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा, तो आइये पढ़ते है कुछ बवासीर के घरेलू उपचार

Piles Treatment at Home in Hindi

बर्फ या ठंडी चीजो का सेक (Cold compress for piles)

ठंडी सेंक बवासीर सिकुड़न में सहायता करती है। सेक करने से खुजली और दर्द से तुरंत आराम मिलता है। ठंडी सेंक करने से सूजन काफी कम हो जाता है और जिससे आपको मलत्याग करन में आसानी होती है। सेक करने के लिए एक साफ़ कपड़े में बर्फ का टुकड़ा बांधें तथा इसका प्रयोग अपने बवासीर के ऊपर करें। बर्फ के सेक को आप दिन में कई बार कर सकते है। ऐसा करने से रक्त की धमनियां सिकुड़ जाती हैं, जिसके फलस्वरूप बवासीर से छुटकारा मिलता है।

पाइल्स में एलोवेरा का यूज़ (AloeVera/AloeVera Gel)

एलोवेरा का सेवन बवासीर में काफी फायदेमंद होता है इसमें जलनरोधी गुण होते हैं, यह काफी आसान तरीकों से बवासीर के लक्षणों से आपको निजात दिलाता है। एलोवेरा (AloeVera) को ले और इसके सारे काँटों को तोड़कर फेंक दें। इसके बाद इसे फ्रिज (fridge) में कुछ देर के लिए रख दें। कुछ देर पश्चात एलो वेरा को जलन और सूजन वाली जगह पर लगा सकते है। आप सूजी हुई धमनियों को ठीक करने के लिए एलो वेरा जेल (AloeVera Gel) का उपयोग भी कर सकते हैं।

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बवासीर में नींबू का रस (Lemon Juice for piles natural treatment in Hindi)

नींबू के रस में एंटीऑक्सीडेंटस प्रचूर मात्रा में पाए जाते है और ये आपकी बवासीर की समस्या से निपटने में आपकी काफी मदद करता है। इसका प्रयोग सीधे सूजन वाली जगह पर किया जा सकता है। निम्बू के रस से दर्द और जलन को कम करने के गुणों से अच्छी तरह वाकिफ हो सकते हैं।

फाइबर भोजन (Fiber Foods to Prevent Piles)

फाइबर युक्त भोजन खाने को आसानी से हज़म करने और मलाशय का स्वास्थ्य बनाए रखने में काफी फायदेमंद होता है। फाइबर युक्त भोजन करने से इसके पोषक तत्व मल को नर्म करने में और आँतों की सारी प्रणाली को साफ़ सुथरा रखने में मदद करते हैं। ऐसा भोजन करने से कब्ज़ की समस्या से भी आराम मिलता है। फाइबर युक्त भोजनों में प्रमुख हैं fruit, vegetables, cereals और बीन्स (beans)।

सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)

सेब का सिरका पाइल्स के इलाज में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक कटोरी में थोड़ा सा सेब का सिरका लें और इसमें रुई को डुबोएं। और तुरंत आराम पाने के लिए इसे सूजन वाली जगह पर लगाए। सीधे इसे लगाने से आपको कुछ देर तक जलन महसूस होगी। यह खुजली और दर्द को तुरंत कम कर देने का रामबाण उपाय है। यह विधि सिर्फ बाहरी बवासीर के लिए ही है। अंदरूनी बवासीर के लिए आप एक चम्मच सेब के सिरके में थोड़ा सा पानी मिलाकर पिए। कुछ दिन तक ऐसा करने पर दर्द और खून निकलने की समस्या से छुटकारा मिलता है।

छाछ (Buttermilk for piles natural treatment)

छाछ का सेवन बवासीर के इलाज का एक बेहतरीन उपाय है। 1\4 अजवाइन का पाउडर और 1 ग्राम काला नमक 1 गिलास छाछ को मिलाये। प्रत्येक दोपहर खाना खाने के पश्चात एक गिलास छाछ का सेवन जरूर करें।छाछ न केवल आपको दर्द से बचाता है बल्कि शरीर में नमी का संचार भी करता है।

बवासीर के लिए योगासन (Yoga for Piles Treatment)


सभी बिमारियों की तरह बवासीर में भी योग क्रियाये करना एक बेहतरीन विकल्प है, योग करने से बवासीर में राहत मिलती हैं। बवासीर से पीड़ित रोगियों को कपालभाति, पवन मुक्तासन, मंडूकासन, अग्निसार क्रिया इत्यादि योग करना चाहिए। ये पाइल्स के ट्रीटमेंट का सबसे बेहतरीन घरेलू इलाज मे से एक है।

बवासीर का उपचार एलोपैथी से (Allopathic Treatment for Piles in Hindi)

दवा/इंजेक्शन (Medicine or Injection)- अगर बवासीर शुरूआती चरणों में है तो उसे मेडिसिन देकर कंट्रोल किया जा सकता है| दवा का उपयोग रक्त नलिका की सूजन कम करने के लिए लगाने के लिए किया जा सकता है। अगर दवा और क्रीम से भी राहत न हो तो डॉक्टर अस्पताल में बिना भर्ती किये इंजेक्शन देकर ठीक करने की कोशिश करता है। इसमें रोगी को बिना भर्ती किये फिनॉल आयल जैसा इंजेक्शन दिया जाता हैं।

इलेक्ट्रोथेरपी- डॉक्टर इस विधि में ऊष्मा ऊर्जा का उपयोग कर मस्सों का रक्त संचारण रोक देता हैं।

सर्जरी / ऑपरेशन (Operation or surgery)- अगर दवा और घरेलू उपयो से भी बवासीर ठीक नहीं होता है तो अंत में बवासीर को ऑपरेशन कर निकाल दिया जाता हैं।  स्टापल्ड हेमरॉयडेक्टमी इसमें मस्से की जगह मस्से के ऊपरी हिस्से को डॉक्टर द्वारा काटा जाता है जिससे दर्द कम होता है। जिसमे मरीज को अस्पताल में एक से दो दिन रुकना होता हैं।

आशा करते है दोस्तों आपको बवासीर के घरेलू उपचार, Piles Treatment at Home in Hindi पसंद आया होगा।

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