शुगर का इलाज करने के 10 घरेलू नुस्खे और तरीके

शुगर का इलाज (Sugar ka Ilaj) – आज के समय में शुगर यानी के मधुमेह तेजी से बढ़ने वाली एक बीमारी है, जिसका प्रमुख कारण बदलती हुई खराब जीवनशैली है। इस समय भारत में अकेले डायबिटीज से 5 करोड़ 70 लाख से ज्यादा व्यक्ति पीड़ित है, और आने वाले कुछ वर्षो में यह संख्या ३ से ४ करोड़ तक और बढ़ जायेगी।

डायबिटीज की बीमारी को डायबिटीज मेलिटस भी कहा जाता है, जो की आज के समय में सबसे आम बीमारी है। मुख्यतः डायबिटीज रोग को दो प्रकार में बाँट कर आसानी से समझा जा सकता है:

जिसमे पहला है,

टाइप १ डायबिटीज – इसमें शरीर इन्सुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता है।

और दूसरा,

टाइप १ डायबिटीज – इसमें शरीर बहुत कम मात्रा में इन्सुलिन का उत्पादन कर पाता है, जो की शरीर में ऊर्जा पैदा करने के लिए न के बराबर कार्य करता है।

शुगर होने के ५ प्रमुख लक्षण:

थकान

वज़न का कम होना

ज्यादा प्यास का लगना

घाव का समय पर न भरना

और बार बार पेशाब आना इत्यादि है।

शुगर (डायबिटीज) के लक्षणों के बारे में विस्तार से जानने के लिए पढ़े: शुगर के लक्षण

शुगर का इलाज

वैसे हम आपको पहले ही बता दे की शुगर का कोई इलाज नहीं है, लेकिन डायबिटीज होने पर शुगर लेवल को नियंत्रित कर आसानी से सामान्य जीवन जिया जा सकता है। शुगर के लेवल को नियंत्रित करने के लिए अनेक घरेलु उपाय और आयुर्वेदिक तरीके उपलब्ध है जिनमे से कुछ महत्वपूर्ण तरीके आज हम आपको बताने जा रहे है।

  1. मेथी के दानो से शुगर का इलाज

मेथी एक सुगन्धित पौधा है, जिसका उपयोग भारत में सिर्फ रसोई में ही नहीं बल्कि औषधियों और जड़ी बूटियों के निर्माण में भी किया जाता है। इसका इस्तेमाल डायबिटीज को कण्ट्रोल कर शुगर के इलाज में भी किया जाता है।

मेथी के बीजो में उच्च मात्रा में घुलनशील फाइबर पाए जाते है, जो कार्बोहाइड्रेट के पाचन और अवशोषण को धीमा करके रक्त शर्करा को कम करने में मदद करता है।

मेथी के दानो पर डायबिटीज या शुगर के इलाज के लिए कई अध्ययन किये गए है, जिसमे ये पता चला है कि मेथी के बीज टाइप 1 डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज में अधिकतर सभी metabolic symptoms में सुधार लाते है और खून में ग्लूकोस के लेवल को कम करते है।

शुगर के इलाज के लिए मेथी के दानो को उपयोग में लाने की विधि

सामग्री –

मेथी का दाने – 100 ग्राम

तेज पत्ता – 100 ग्राम

जामुन की गुठली -150 ग्राम

बेलपत्र के पत्ते – 250 ग्राम

ऊपर में दी गयी सभी सामग्रियों को मिलाकर एक पाउडर बना ले, अब इस पाउडर को (एक से डेढ़ चम्मच) सुबह खाली पेट व शाम को खाना खाने से एक घंटा पहले गरम पानी के साथ ले। लगभग दो से तीन महीने तक लगातार इसका सेवन करे। यह मधुमेह (Sugar) के इलाज का एक रामबाण नुस्खा है।

  1. करेले से डायबिटीज का इलाज

करेले का इस्तेमाल भी डायबिटीज के इलाज के लिए किया जा सकता है, क्योकि करेला खून में मौजूद ग्लूकोस की मात्रा को कम करने में सहायक होता है। ये एक विशेष अंग या ऊतक के बजाय शरीर में ग्लूकोस मेटाबोलिज्म पर असर डालता है।

यह अग्नाशयी इंसुलिन स्राव को बढ़ाने में मदद करता है और इंसुलिन प्रतिरोध को रोकता है। इस प्रकार करेला दोनों प्रकार की डायबिटीज टाइप 1 और टाइप 2 के लिए फायदेमंद है।

डायबिटीज के इलाज के लिए करेले के सेवन की विधि

करेले की सब्जी, जूस और विशेषकर इसका चूर्ण डायबिटीज रोग में बहुत लाभकारी हैं।

डायबिटीज के इलाज के लिए ४ महीने तक नियमित इसका सेवन खाली पेट करे, ऐसा करने से मधुमेह के साथ साथ रक्त शुद्धि भी होती हैं।

इसके अलावा डायबिटीज के इलाज के लिये आप करेले से बनी किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल कर सकते है।

  1. दालचीनी (Cinnamon) से मधुमेह का इलाज

दालचीनी का प्रयोग हजारो सालो से कई तरह की बिमारिओ के इलाज में किया जा रहा है। दालचीनी का प्रयोग हजारो सालो से कई तरह की बिमारिओ के इलाज में किया जा रहा है जिनमे से एक मधुमेह भी है।

दालचीनी के पाउडर में इंसुलिन गतिविधि को उत्तेजित करके रक्त शर्करा के स्तर को कम करने की क्षमता होती है। इसमें बायोएक्टिव घटक होते हैं जो मधुमेह को रोकने और लड़ने में मदद कर सकते हैं।

हाल ही में हुए कुछ अध्यनों से ये पता चला है कि दालचीनी पाउडर टाइप-2 मधुमेह के मामलों में रक्त शर्करा के स्तर को कम करने के लिए एक प्रभावी विकल्प के रूप में काम कर सकता है।

हालंकि दालचीनी मधुमेह में बहुत लाभकारी है फिर भी इसके अधिक उपयोग से बचना चाहिए, क्योकि जो अधिकतर किराणो की दुकानों में दालचीनी होती है वह Cassia cinnamon होता है, जो कि एक टॉक्सिक कंपाउंड है, जिससे कि लिवर के खराब होने का खतरा रहता है।

मधुमेह के इलाज के लिए दालचीनी को उपयोग में लाने कि विधि

आधा चम्मच दालचीनी ले और उसका सेवन गरम पानी के रोजाना करे।

इसके अलावा आप दालचीनी कि दो से तीन डंडियों को ले और एक कप पानी में उन्हें करीब २० मिनट तक भीगने दे और फिर इसका सेवन लाभ मिलने तक प्रतिदिन करते रहे।

  1. आंवला से करे शुगर का इलाज

आंवला को Indian gooseberry के नाम से भी जाना जाता है, और यह आयुर्वेद कि सबसे शक्तिशाली जड़ीबूटियों में से एक है। कई गंभीर बीमारियों के इलाज में आवंले के सेवन या इस्तेमाल की सिफारिशें खुद डॉक्टर्स भी करते है, जिनमे से शुगर भी एक बिमारी है।

आवंला में विटामिन C भरपूर मात्रा में पाया जाता है, और इसका जूस अग्नाशय को पूरी तरह कार्य करने में मदद करता है।

शुगर के इलाज के लिए आवंला का सेवन कैसे करे

सबसे पहले दो से तीन आवंला ले और उसके बाद इनके बीज निकाल दे। अब इसे अच्छे से पीस कर आवंला का एक पेस्ट तैयार कर ले। अब पेस्ट को एक कपडे में डाले और निचोड़ कर इसका रस निकाले। प्रतिदिन दो चम्मच इस रस का सेवन खाली पेट पानी के साथ करे।

शुगर का इलाज (sugar ka ilaj) करने का यह एक बेहतरीन नुस्खा है, इसका सेवन लघभग दो महीने अवश्य करे।

  1. जामुन से कैसे करे शुगर का इलाज

जामुन रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में बहुत मदद कर सकता है क्योंकि इसमें एन्थॉयनिनिन, एलेगिक एसिड, हाइड्रोलायसेबल टैनिनस आदि शामिल हैं।

जामुन के पेड़ के सभी हिस्सों (पत्तिया, बेर और बीज) का इस्तेमाल शुगर से पीड़ित लोगो के इलाज में किया जा सकते है। वास्तव में, वैज्ञानिओ को अपने अध्ध्यन से पता लगाया है कि जामुन के फल और बीज में hypoglycemic तत्व है जो कि रक्त और मूत्र शर्करा के स्तर को तेज़ी से कम करने में सहायता करते हैं।

शुगर के इलाज में जामुन को उपयोग में लाने की विधि

यह एक मौसमी फल है, जिसे आप अपने आहारों (Diet) में जरूर शामिल करे क्योकि यह अग्न्याशय के लिए बहुत प्रभावी होता है।

या फिर फल के सूखे बीज का पाउडर बना सकते हैं और दिन में दो बार पानी के साथ इस पाउडर को खा सकते हैं।

Diabetes Treatment in Hindi

  1. डायबिटीज के इलाज के लिए आम के पत्ते

रक्त में इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करके डायबिटीज के इलाज के लिए आम के पत्ते का इस्तेमाल किया जा सकता है। वे रक्त लिपिड प्रोफाइल को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकते हैं।

१० से १५ आम के पत्तो का इकट्ठा करे और एक गिलास में पानी में भिगोकर छोड़ दे, और अगले सुबह खाली पेट पानी को साफ़ कर इसका सेवन करे।

इसके अलावा आम की पत्तियों को सुखाकर उनका पाउडर बना सकते है। और आधा चम्मच इसका इस्तेमाल रोजाना दिन में दो बार करे।

  1. करी पत्ते

शुगर को रोकने और नियंत्रित करने के लिए करी पत्ते का इस्तेमाल किया जा सकते है, क्योंकि इसमें मधुमेह के विरोधी गुण हैं। ऐसा माना जाता है कि करी पत्ते में एक घटक होता है जो कि मधुमेह में ग्लूकोज से स्टार्च को तोड़ने में मदद करता है।

इसीलिए शुगर के इलाज के लिए आप सुबह सुबह १० ताजी करी पत्तियों को चबाये। बेहतर परिणाम पाने के लिए इसका सेवन तीन से चार महीनो तक अवश्य करे। डायबिटीज के अलावा करी पत्तो से मोटापा और हाई कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है।

  1. एलोवेरा

एलोवेरा जेल तेजी से बढ़ते रक्त शर्करा के स्तर कम करने में मदद करता है। इसमें phytosterols पाया जाता है, जिसका टाइप २ के डायबिटीज के मरीजों पर प्रभावी असर होता है।

एलोवेरा जेल, तेज पाते और हल्दी के मिश्रण के इस्तेमाल से ब्लड शुगर को आसानी से कण्ट्रोल किया जा सकता है।

एक चम्मच एलो वेरा जेल, आधा चम्मच हल्दी, और तेज पत्तो का एक मिश्रण तैयार करे।और इस मिश्रण का सेवन दिन दो बार खाने से पहले जरूर करे। एलोवेरा का सेवन किसी भी उम्र का कोई भी कर सकता है। इसे आप अपने घर में गमलों में या खुली जगह पर बड़ी आसानी से लगा सकते है।

  1. हल्दी से शुगर का उपचार कैसे करे

शुगर के इलाज में हल्दी बहुत गुणकारी तरीके से कार्य करती है। हल्दी का सेवन पुराने जमाने से ही भोजन और घरेलू उपचारों में किया जाता रहा है। शुगर के रोगियों को प्रतिदिन गरम दूध में हल्दी चूर्ण मिलाकर पीना चाहिए। क्योकि इसमें वातनाशक गुण होते हैं जिससे डायबिटीज की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

शुगर के रोगियों को प्रतिदिन ताजे आंवले के रस या सूखे आंवले के चूर्ण में हल्दी मिलाकर दे, इससे उन्हें फायदा मिलता है।

  1. अमरूद से Sugar ka Ilaj

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो एक बार होने पर जीवनभर साथ चलती रहती है। इसीलिए इस पर नियंत्रण के लिए खानपान पर विशेष ध्‍यान रखने की जरूरत होती है। डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट में उन आहारों का सेवन करना चाहिए जिससे उनका ब्‍लड ग्‍लूकोज का स्‍तर न बढ़े।

ऐसे में मधुमेह के मरीजों को अमरूद खाने की सलाह दी जाती है, क्योकि इसमें प्रोटीन 10.5 प्रतिशत, वसा 0.2 कैल्शियम 1.01 प्रतिशत बी 0.2 प्रतिशत पाया जाता है। ये फल मीठा होते हुए भी डायबिटीज को नियंत्रित रखता है।

डायबिटीज के इलाज में कैसे करे अमरुद का सेवन

अमरूद में कई तरह के विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते है, जिसे की कई तरह से खाया जा सकता है। इस फल को आप आग में भूनकर, छीलकर साफ़ करके, और मैश करके उसमें स्वादानुसार नमक, कालीमिर्च, जीरा मिलाकर खा सकते है।

तो दोस्तों इसी के साथ हम ये आशा करते है कि आपको डायबिटीज और मधुमेह के बारे में Nohar Patrika द्वारा लिखा गया ये लेख “शुगर का इलाज” Sugar ka Ilaj जरूर पसंद आया होगा। अपनी राय हमे नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स के माध्यम से जरूर लिख भेजे।

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